दरभंगा के रेणु नागार्जुन सभागार, पंडासराय में शुक्रवार को भाकपा (माले) द्वारा मिथिलांचल स्तरीय कैडर सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन आगामी 12वें राज्य सम्मेलन (16–18 मई) की तैयारी को लेकर आयोजित किया गया, जिसमें तीन जिलों के 100 से अधिक नेताओं ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता बैद्यनाथ यादव, प्रो. उमेश कुमार, ध्रुव नारायण कर्ण, बंदना सिंह और अभिषेक कुमार की संयुक्त टीम ने की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव डॉ. कुणाल ने कहा कि अमेरिका को भारत की निंदा बंद करनी चाहिए और उसे भारत की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद से लड़कर अपनी पहचान बनाई है और आज दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
डॉ. कुणाल ने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 के महिला आरक्षण कानून के तहत मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दरभंगा में होने वाला राज्य सम्मेलन उत्तर बिहार में पार्टी को और मजबूत करेगा और लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
वहीं, पोलित ब्यूरो सदस्य एवं मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में “बुलडोजर राज” लागू करने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लगभग 10 लाख कर्मियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है और मनरेगा मजदूरों का करोड़ों रुपये बकाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की 59 प्रतिशत आबादी आवास संकट से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “माले का बढ़ेगा जोर, तो भाजपा होगी कमजोर” और इस संदेश को राज्य सम्मेलन के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।
सम्मेलन को राज्य संगठन विभाग के प्रभारी कामरेड अमर सिंह ने भी संबोधित किया।






